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जीएसटी विभाग की बड़ी कार्रवाई: चार जिलों में छापे, 1.74 करोड़ रुपए की कर देनदारी जमा

जयपुर, अलवर, सवाई माधोपुर और डीडवाना-कुचामन में कारोबारियों के ठिकानों की जांच

Navneet sharma· 8 सितंबर 2026, 5:51 पूर्वाह्न· अपडेट: 11 सितंबर 2026, 9:46 पूर्वाह्न
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जीएसटी विभाग की बड़ी कार्रवाई: चार जिलों में छापे, 1.74 करोड़ रुपए की कर देनदारी जमा

जयपुर, 8 सितंबर। राज्य में कर चोरी के खिलाफ वाणिज्यिक कर विभाग ने शिकंजा कस दिया है। विभाग की प्रवर्तन टीमों ने जयपुर, अलवर, सवाई माधोपुर और डीडवाना-कुचामन में विभिन्न कारोबारियों के प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर संदिग्ध लेन-देन, बिना माल की आपूर्ति के बिल जारी करने, अपात्र इनपुट टैक्स क्रेडिट का उपयोग और रिटर्न में गड़बड़ी के मामलों की जांच की। कार्रवाई में करीब 1.93 करोड़ रुपए की संभावित कर देनदारी सामने आई है। इनमें से 1.74 करोड़ रुपए से अधिक की राशि कारोबारियों ने स्वेच्छा से जमा या वापस की है। कई मामलों में दस्तावेज और लेखा रिकॉर्ड जब्त कर आगे की जांच शुरू की गई है।

जयपुर में 1.39 करोड़ रुपए की राशि वापस

जयपुर स्थित पद्मावती ट्रैवल्स एंड कार्गो के प्रतिष्ठान का 1 सितंबर को निरीक्षण किया गया। जांच में 1.38 करोड़ रुपए से अधिक की आईजीएसटी इनपुट टैक्स क्रेडिट का नियमानुसार रिवर्सल नहीं किया जाना सामने आया। विभाग ने नियमों की जानकारी देने के बाद करदाता से पूरी 1,38,88,072 रुपए की राशि स्वेच्छा से जमा कराई। संबंधित अवधि के रिटर्न और अभिलेखों की जांच जारी है।

अलवर स्थित अलवर सोल्वेक्स के प्रतिष्ठान का 2 सितंबर को निरीक्षण किया गया। यहां करीब 30 लाख रुपए की संभावित कर देनदारी सामने आई। जांच का मुख्य बिंदु 15 अगस्त को प्रतिष्ठान में लगी आग से स्टॉक और इनपुट टैक्स क्रेडिट को हुए नुकसान से जुड़ा है। अलवर के खेड़लीवाला प्रोडक्ट्स का 1 सितंबर को निरीक्षण किया गया। जांच में करीब 12 लाख रुपए की संभावित कर देनदारी सामने आई।

गायत्री स्टोन क्रशर में फर्जी लेन-देन की आशंका

सुजानगढ़ क्षेत्र के गायत्री स्टोन क्रशर में विभाग ने सर्कुलर ट्रेडिंग, वास्तविक माल या सेवा की आपूर्ति के बिना बिल जारी करने, रिवर्स चार्ज व्यवस्था में अंतर और कारोबार छिपाने जैसी गड़बड़ियों की आशंका पर कार्रवाई की। मामले में करीब 10.15 लाख रुपए की संभावित राशि सामने आई है। सवाई माधोपुर जिले के खंडार स्थित शिव ऑयल इंडस्ट्रीज की 2 सितंबर को जांच की गई। डीडवाना-कुचामन जिले के मकराना स्थित राधे कृष्णा टिम्बर्स के यहां करीब 12 लाख रुपए की संभावित राशि का आकलन किया गया। कारोबारी ने 10 लाख रुपए स्वेच्छा से जमा किए। खरीद-बिक्री के बिल, लेखा पुस्तकों और अन्य अभिलेखों की जांच जारी है।

Navneet sharma

Navneet sharma

संस्थापक एवं प्रधान संपादक — लेख पत्र

Navneet sharma पिछले दो दशकों से जयपुर की पत्रकारिता से जुड़े रहे हैं। उन्होंने लेख पत्र की स्थापना स्थानीय, निष्पक्ष और जमीनी पत्रकारिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की।

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