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ज़मीनी रिपोर्ट

करतारपुरा नाले के किनारे बसी बस्ती की रोज़मर्रा की जिंदगी

नाले के किनारे बसी एक बस्ती में रहने वाले लोगों की रोज़मर्रा की मुश्किलों पर एक ज़मीनी रिपोर्ट।

राजस्थान डेस्क· 9 मई 2026, 4:33 पूर्वाह्न· अपडेट: 11 सितंबर 2026, 12:15 अपराह्न
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drainage garbage — प्रतीकात्मक तस्वीर
Wikimedia Commons

जयपुर। करतारपुरा नाले के किनारे बसी एक छोटी बस्ती में रहने वाले परिवारों के लिए बारिश का मौसम हर साल नई मुश्किलें लेकर आता है। नाले का पानी बढ़ने पर घरों के करीब तक पहुंच जाता है।

बस्ती के एक निवासी ने बताया कि वे वर्षों से यहां रह रहे हैं, लेकिन नाले की सफाई और मरम्मत का काम अनियमित रूप से ही होता है। बच्चों के स्कूल जाने के रास्ते में भी नाले के किनारे से गुजरना पड़ता है, जो मानसून में खतरनाक हो जाता है।

स्थानीय महिलाओं ने बताया कि साफ-सफाई न होने से बीमारियों का खतरा भी बना रहता है, खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए। स्थानीय पार्षद ने कहा कि नाले के सुदृढ़ीकरण के लिए प्रस्ताव भेजा गया है और जल्द काम शुरू होने की उम्मीद है।

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पाठकों की प्रतिक्रिया

मनीषा पारीक

धन्यवाद लेख पत्र, स्थानीय मुद्दों को उठाने के लिए।

18 अगस्त 2026, 9:43 पूर्वाह्न

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