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चंबल अभयारण्य: अवैध खनन के 40 संवेदनशील ठिकानों पर तैनात होंगे सशस्त्र जवान

उच्चतम न्यायालय के निर्देशों की अधिकांश पालना पूरी, एआई कैमरों और ड्रोन से होगी 24 घंटे निगरानी

Navneet sharma· 10 सितंबर 2026, 6:11 पूर्वाह्न· अपडेट: 11 सितंबर 2026, 9:46 पूर्वाह्न
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चंबल अभयारण्य: अवैध खनन के 40 संवेदनशील ठिकानों पर तैनात होंगे सशस्त्र जवान

लेख-पत्र संवाददाता

जयपुर, 10 सितंबर। राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य में अवैध बालू-बजरी खनन पर राज्य सरकार ने सख्ती बढ़ा दी है। उच्चतम न्यायालय के निर्देशों और केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति की सिफारिशों की पालना में अधिकांश महत्वपूर्ण कार्य पूरे कर लिए गए हैं। बुधवार को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में न्यायालयीन सुनवाई से पहले अब तक की अनुपालना और लंबित कार्यों की समीक्षा की गई।

40 संवेदनशील स्थलों पर सुरक्षा का मजबूत घेरा

धौलपुर, सवाई माधोपुर, बूंदी, करौली और कोटा जिलों में 40 अत्यधिक संवेदनशील स्थलों की पहचान की गई है। इन सभी स्थानों पर पांच-पांच सशस्त्र होमगार्ड जवान तैनात किए जाएंगे। इसके लिए बजट स्वीकृत और आवंटित किया जा चुका है। उपखंड स्तर पर राजस्व, पुलिस, वन और खनन विभाग की संयुक्त टीमें सप्ताह में दो बार आकस्मिक निरीक्षण कर रही हैं। निरीक्षण में जीपीएस और शरीर पर लगाए जाने वाले कैमरों का उपयोग किया जा रहा है।

कृत्रिम बुद्धिमत्ता वाले कैमरे और ड्रोन रखेंगे नजर

अवैध खनन और परिवहन पर चौबीसों घंटे निगरानी के लिए हाई-मास्ट टावर, प्रकाशीय रेशा तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता और तापीय रात्रि-दृष्टि युक्त कैमरे लगाए जा रहे हैं। मानसून के बाद नदी के स्वरूप और नए रास्तों की पहचान के लिए नियमित ड्रोन सर्वे भी होंगे। बालू के वैध विकल्प के रूप में एम-सैंड इकाइयों की व्यवहार्यता रिपोर्ट तैयार की गई है। अभयारण्य सीमा के राजस्व क्षेत्रों को वन क्षेत्र के रूप में अधिसूचित करने की संभावनाएं भी जांची जा रही हैं।

Navneet sharma

Navneet sharma

संस्थापक एवं प्रधान संपादक — लेख पत्र

Navneet sharma पिछले दो दशकों से जयपुर की पत्रकारिता से जुड़े रहे हैं। उन्होंने लेख पत्र की स्थापना स्थानीय, निष्पक्ष और जमीनी पत्रकारिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की।

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